Lo Aa Gayi Unki Yaad Woh Nahi Aaye



Lo Aa Gayi Unki Yaad Woh Nahi Aaye :

लो आ गयी उनकी याद, वो नहीं आये 

दिल में गये हैं, ग़म के सिंगार कर के 
आँखें भी थक गयी हैं, अब इंतज़ार कर के 
इक आस रह गयी है, वो भी न टूट जाये 
लो आ गयी उनकी याद ... 

रूठी हैं आज हम से, तनहाइयाँ हमारी 
वो भी न पाये शायद, परछाइयाँ हमारी 
बढ़ते ही जा रही हैं, मायूसियों के साये 
लो आ गयी उनकी याद ... 

लौ थरथरा रही है, अब शम्म\-ए\-मुहब्बत की 
उजड़ी हुई मुहब्बत, महमाँ है दो घड़ी की 
मर कर ही अब मिलेंगे, जी कर तो मिल न पाये 
लो आ गयी उनकी याद ...


गाना / Title: लो आ गयी उनकी याद, वो नहीं आये
                   Lo Aa Gayi Unki Yaad Woh Nahi Aaye
चित्रपट / Film: Do Badan
संगीतकार / Music Director: Ravi
गीतकार / Lyricist: Shakeel
गायक / Singer(s): लता मंगेशकर-(Lata Mangeshkar)

Ye Dil Tum Bin Kahin Lagta Nahin



ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं, हम क्या करें :
(Ye Dil Tum Bin Kahin Lagta Nahin)


लता: 
ये दिल तुम बिन, कहीं लगता नहीं, हम क्या करें 
ये दिल तुम बिन, कहीं लगता नहीं, हम क्या करें 
तसव्वुर में कोई बसता नहीं, हम क्या करें 
तुम्ही कह दो, अब ऐ जानेवफ़ा, हम क्या करें 

रफ़ी: 
लुटे दिल में दिया जलता नहीं, हम क्या करें 
तुम्ही कह दो, अब ऐ जाने\-अदा, हम क्या करें 

लता: ये दिल तुम बिन, कहीं लगता नहीं, हम क्या करें 

किसी के दिल में बस के दिल को, तड़पाना नहीं अच्छा \- २ 
निगाहों को छलकते देख के छुप जाना नहीं अच्छा, 
उम्मीदों के खिले गुलशन को, झुलसाना नहीं अच्छा 
हमें तुम बिन, कोई जंचता नहीं, हम क्या करें, 
तुम्ही कह दो, अब ऐ जानेवफ़ा, हम क्या करें 

रफ़ी: लुटे दिल में दिया जलता नहीं, हम क्या करें 

मुहब्बत कर तो लें लेकिन, मुहब्बत रास आये भी \- २ 
दिलों को बोझ लगते हैं, कभी ज़ुल्फ़ों के साये भी 
हज़ारों ग़म हैं इस दुनिया में, अपने भी पराये भी 
मुहब्बत ही का ग़म तन्हा नहीं, हम क्या करें 
तुम्ही कह दो, अब ऐ जाने\-अदा, हम क्या करें 

 लता: 
ये दिल तुम बिन, कहीं लगता नहीं, हम क्या करें 
 बुझा दो आग दिल की, या इसे खुल कर हवा दे दो \- २ 

रफ़ी: जो इसका मोल दे पाये, उसे अपनी वफ़ा दे दो 

लता: 
तुम्हारे दिल में क्या है बस, हमें इतना पता दे दो, 
के अब तन्हा सफ़र कटता नहीं, हम क्या करें 

रफ़ी: लुटे दिल में दिया जलता नहीं, हम क्या करें 
लता: ये दिल तुम बिन, कहीं लगता नहीं, हम क्या करें


गाना / Title: ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं, हम क्या करें -  Ye Dil Tum Bin Kahin Lagta Nahin
चित्रपट / Film: Izzat - इज़्ज़त (1968)
संगीतकार / Music Director: लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल- (Laxmikant-Pyarelal)
गीतकार / Lyricist: साहिर- (Sahir)
गायक / Singer(s): लता मंगेशकर-(Lata Mangeshkar) , रफ़ी - Rafi

Jaane Kyu Log Mohabbat Kiya Karte Hain



जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं :
(Jaane Kyu Log Mohabbat Kiya Karte Hain)

इस ज़माने में इस मोहब्बत ने
कितने दिल तोड़े कितने घर फूँके
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं

जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं
दिल के बदले दर्द-ए-दिल लिया करते हैं
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं

तन्हाई मिलती है, महफ़िल नहीं मिलती
राहे मुहब्बत में कभी मंज़िल नहीं मिलती
दिल टूट जाता है, नाकाम होता है
उलफत में लोगों का यही अंजाम होता है
कोई क्या जाने, क्यों ये परवाने,
क्यों मचलते हैं, गम में जलते हैं
आहें भर भर के दीवाने जिया करते हैं
आहें भर भर के दीवाने जिया करते हैं
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं

सावन में आँखों को, कितना रूलाती है
फुरक़त में जब दिल को किसी की याद आती है
ये ज़िंदगी यूँ ही बर्बाद होती है
हर वक़्त होंठों पे कोई फरियाद होती है
ना दवाओं का नाम चलता है
ना दुआओं से काम चलता है
ज़हर ये फिर भी सभी क्यों पिया करतें हैं
ज़हर ये फिर भी सभी क्यों पिया करतें हैं
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं

महबूब से हर गम मंसूब होता है
दिन रात उलफत में तमाशा खूब होता है
रातों से भी लंबे ये प्यार के किससे
आशिक़ सुनाते हैं जफ़ा-ए-यार के क़िस्से
बेमुरव्वत है, बेवफा है वो,
उस सीतमगार का अपने दिलबर का,
नाम ले ले के दुहाई दिया करते हैं
नाम ले ले के दुहाई दिया करते हैं
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं


फिल्म - महबूब की मेहन्दी (Mehboob Ki Mehndi)
संगीत - लक्ष्मीकांत प्यारेलाल Laxmikant, Pyarelal
गायक - लता मंगेशकर Lata Mangeshkar
Lyricist : Anand Bakshi
Actors/Actresses : Pradeep Kumar, Rajesh Khanna, Leena Chandavarkar
Year : 1971

Shisha Ho Ya Dil Ho : Lata Mangeshkar



Sheesha Ho Ya Dil Ho - शीशा हो या दिल हो :

शीशा हो या दिल हो..
आखिर, टूट जाता है....
लब तक आते आते हाथो से
सागर, छूट जाता है...
शीशा हो या दिल हो
आखिर टूट जाता है

काफी बस अरमान नही
कुछ मिलना आसान नही
दुनिया की मजबूरी है
फिर तकदीर ज़रूरी है
ये जो दुश्मन है ऐसे
दोनो राज़ी हो कैसे
एक को मनाओ तो दूजा, रूठ जाता है...
शीशा हो या दिल हो
आखिर टूट जाता है

बैठे थे किनारे पे,
मौजो के इशारे पे..
हम खेले तूफानो से
इस दिल के अरमानो से
हमको यह मालूम ना था
कोई साथ नही देता..
माझी छोड़ जाता है
साहिल, छूट जाता है...
शीशा हो या दिल हो..
आखिर, टूट जाता है....
शीशा हो या दिल हो

दुनिया एक तमाशा है
आशा और निराशा है
थोड़े फूल है काटे है
जो तकदीर ने बाटे है
अपना अपना हिस्सा है
अपना अपना किस्सा है
कोई लुट जाता है
कोई, लूट जाता है...
शीशा हो या दिल हो
आखिर, टूट जाता है....
लैब तक आते आते हाथो से
सागर, छूट जाता है...
शीशा हो या दिल हो

Film : Aasha आशा ( १९८० - 1980 )
Song : Sheesha Ho Ya Dil Ho
Singer : Lata Mangeshkar
गीतकार : आनंद बक्षी
संगीतकार : लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल

Chalo Ek bar phir se



Chalo Ek bar phir se - चलो इक बार फिर से

चलो इक बार फिर से, अजनबी बन जाएं हम दोनो
चलो इक बार फिर से ...

न मैं तुमसे कोई उम्मीद रखूँ दिलनवाज़ी की
न तुम मेरी तरफ़ देखो गलत अंदाज़ नज़रों से
न मेरे दिल की धड़कन लड़खड़ाये मेरी बातों से
न ज़ाहिर हो तुम्हारी कश्म-कश का राज़ नज़रों से
चलो इक बार फिर से ...

तुम्हें भी कोई उलझन रोकती है पेशकदमी से
मुझे भी लोग कहते हैं कि ये जलवे पराए हैं
मेरे हमराह भी रुसवाइयां हैं मेरे माझी की - २
तुम्हारे साथ भी गुज़री हुई रातों के साये हैं
चलो इक बार फिर से ...

तार्रुफ़ रोग हो जाये तो उसको भूलना बेहतर
ताल्लुक बोझ बन जाये तो उसको तोड़ना अच्छा
वो अफ़साना जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुमकिन - २
उसे एक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ना अच्छा
चलो इक बार फिर से ...


फिल्म: गुमराह [ 1963],
गायक : महेंद्र कपूर
गीतकार: साहिर लुधयानवी,
संगीत कार : रवि